पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना पहुंचे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कोर्ट में चल रहे मामलों और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह अदालत की प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और कोर्ट की कार्यवाही में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों में वह कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और मजबूती से अपना पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने की वजह से प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इनकम टैक्स विभाग उनके पीछे पड़े हुए हैं।

RJD नेता ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह हर मामले में कानून के मुताबिक अपना पक्ष रख रहे हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और लोग सब कुछ समझते हैं।
भाजपा पर तंज कसते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “अगर हम भाजपा में होते तो राजा हरिश्चंद्र होते।” उनके इस बयान को केंद्र की जांच एजेंसियों की कार्रवाई और भाजपा की राजनीति पर तीखे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों और कार्रवाई से उनका राजनीतिक संघर्ष कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह मजबूती के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
पटना में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की मौजूदगी के बीच यह बयान ऐसे समय आया है, जब RJD नेतृत्व लगातार केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगाता रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं और कोर्ट की प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब वह कानूनी तरीके से देंगे। साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक रूप से लड़ाई जारी रहेगी और वह किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विपक्षी नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर सियासी बहस तेज होने की संभावना है।






