ऋषिकेश के छिदरवाला इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक आबादी के बीच पहुंच गया। गुलदार के आबादी क्षेत्र में दिखाई देने की घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक कुत्ते को दबोचकर अपने साथ जंगल की ओर ले जाता हुआ नजर आ रहा है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि छिदरवाला क्षेत्र में गुलदार की गतिविधि अचानक लोगों की नजर में आई। वीडियो में देखा जा सकता है कि गुलदार बेहद तेजी से एक कुत्ते की तरफ बढ़ता है और उसे दबोच लेता है। इसके बाद वह कुत्ते को अपने मुंह में पकड़कर आबादी वाले इलाके से जंगल की दिशा में ले जाता दिखाई देता है। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुलदार के इस तरह आबादी में पहुंचने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। छिदरवाला और आसपास के इलाकों में पहले भी वन्यजीवों की मौजूदगी देखी जाती रही है, लेकिन आबादी के बीच इस तरह गुलदार के पहुंचने से लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुलदार के अचानक सामने आने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
घटना के बाद लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। खासकर सुबह और देर शाम के समय अकेले बाहर निकलने तथा छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को खुले में छोड़ने से बचने की जरूरत बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल से सटे इलाकों में भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीव कभी-कभी आबादी की ओर आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को गुलदार को देखकर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भीड़ जुटाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहकर संबंधित वन विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित कदम माना जाता है।
फिलहाल छिदरवाला इलाके में गुलदार की मौजूदगी से लोगों में दहशत बनी हुई है। सामने आए वीडियो ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर वन विभाग की ओर है कि गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में क्या कदम उठाए जाते हैं और आबादी वाले इलाके में उसकी आवाजाही को रोकने के लिए किस तरह की निगरानी की जाती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, ताकि गुलदार दोबारा आबादी के बीच न पहुंच सके और किसी इंसान के लिए खतरा पैदा न हो।






