लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक व्यक्ति का अनोखे अंदाज में अपनी बात रखने का मामला सामने आया है। संजय कुमार द्विवेदी नाम के व्यक्ति ने सड़क पर दंडवत होकर हाथ जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करना चाहते हैं।
संजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि वह मौजूदा योगी सरकार की नीतियों और ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद आहत हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज के साथ न्याय नहीं हो रहा है और इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अखिलेश यादव से मिलने की इच्छा जताई है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सड़क पर दंडवत होकर हाथ जोड़ने के दौरान संजय कुमार द्विवेदी ने अखिलेश यादव को अपना कर्ता-धर्ता बताते हुए उनसे मिलने और अपनी बात रखने की अपील की। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए आवाज उठाएंगे।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA यानी ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ से जुड़े राजनीतिक विमर्श का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि PDA की चर्चा में ‘पंडित’ शब्द का उल्लेख किए जाने से उन्हें उम्मीद जगी है कि ब्राह्मण समाज से जुड़े विषयों को भी राजनीतिक स्तर पर प्रमुखता मिलेगी।
संजय कुमार द्विवेदी के इस प्रदर्शन का वीडियो या तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। जिस तरह उन्होंने सड़क पर दंडवत होकर अपनी बात रखी, उसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उनके मुताबिक, उनका उद्देश्य अपनी व्यक्तिगत नाराजगी के साथ-साथ ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को भी राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाना है।
प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण और PDA जैसे मुद्दे पहले से ही चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में लखनऊ में सामने आया यह मामला भी राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी सरकार या राजनीतिक दल को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
संजय कुमार द्विवेदी की नाराजगी को उनके व्यक्तिगत विरोध और राजनीतिक अपेक्षाओं के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, यह कहना कि प्रदेश का हर समाज या हर व्यक्ति मौजूदा सरकार से परेशान है, एक व्यापक राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
फिलहाल, लखनऊ की सड़क पर दंडवत होकर अखिलेश यादव से मिलने की मांग करने वाले संजय कुमार द्विवेदी का यह अंदाज चर्चा में बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले पर समाजवादी पार्टी या अन्य राजनीतिक दलों की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा






