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कूनो नेशनल पार्क में इंडियन-बॉर्न चीता KGP12 ने दिया चार शावकों को जन्मकूनो नेशनल 

✍ Aslam Ansari◷ 18 Sep 2026, 08:37 AM⏱ 5 min read◉ 399 views
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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारत में जन्मी मादा चीता गामिनी-KGP12 ने कूनो के जंगल में प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच चार शावकों को जन्म दिया। इस घटना को भारत में चीता संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, KGP12 ने 11 अप्रैल 2026 को चार शावकों को जन्म दिया था।

 

KGP12 खुद भारत में जन्मी चीता है और गामिनी की पहली संतान में से दूसरी संतान है। जन्म के समय उसकी उम्र करीब 25 महीने थी। खास बात यह है कि उसने अपने शावकों को किसी विशेष बाड़े में नहीं, बल्कि कूनो नेशनल पार्क के जंगल में प्राकृतिक वातावरण के बीच जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक परिस्थितियों में रहने और प्रजनन करने के लिए सक्षम बनाना है।

भारत में चीता पुनर्वास की शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी। नामीबिया से लाए गए चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ और चीते कूनो पहुंचे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के अनुसार, प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में चीतों की ऐसी आबादी स्थापित करना है जो प्राकृतिक परिस्थितियों में खुद को बनाए रख सके और अपने ऐतिहासिक आवास में इस प्रजाति की पारिस्थितिक भूमिका को दोबारा स्थापित करे।

 

KGP12 के चार शावकों का जन्म इस लिहाज से भी अहम है कि यह भारत में जन्मी मादा चीता द्वारा जंगल में शावकों को जन्म देने की उल्लेखनीय घटना है। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, यह 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्वास कार्यक्रम के बाद जंगल में दर्ज हुआ पहला ऐसा जन्म था जिसमें भारत में जन्मी मादा चीता शामिल थी। इसे प्राकृतिक परिस्थितियों में चीतों के अनुकूलन और प्रजनन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

 

कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनके प्राकृतिक व्यवहार, स्वास्थ्य और प्रजनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए वन विभाग, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ की टीमें काम करती हैं। चीता संरक्षण कार्यक्रम में शावकों का जन्म केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में एक स्थायी और स्वस्थ चीता आबादी विकसित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

 

कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रहे सफल प्रजनन से भारत में चीता संरक्षण अभियान को नई गति मिली है। KGP12 के चार शावकों का जन्म इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह दिखाता है कि भारत में जन्मे चीते भी प्राकृतिक वातावरण में प्रजनन करने में सक्षम हो रहे हैं।

Aslam Ansari
लेखक / संवाददाता

Aslam Ansari

Hind Ka Paigam के लेखक और समाचार संवाददाता द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट।

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