गोरखपुर। आमजन की समस्याओं को सुनना, उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना और शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसुनवाई व्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधे संवाद करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान लोगों ने प्रशासन, पुलिस, जमीन-जायदाद, पारिवारिक विवाद, आर्थिक सहायता, चिकित्सा और अन्य विभिन्न विषयों से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की ओर से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। संबंधित विभागों के अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करें।
‘जनता दर्शन’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसुनवाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इसके जरिए आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हैं। मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए और कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के समाधान को शासन की प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने की अपेक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन-प्रशासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति आश्वस्त किया। वहीं, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस जनता दर्शन के माध्यम से एक बार फिर आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।






