नई दिल्ली:
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग (Election Commission) के खिलाफ प्रस्तावित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी खींचतान देखने को मिली। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
जंतर-मंतर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में धारा 144 और कानून-व्यवस्था के नियमों का हवाला देते हुए बड़े जमावड़े की अनुमति नहीं दी गई थी। जैसे ही विभिन्न इलाकों और राज्यों से आए प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे, बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया गया।

चुनाव आयोग के खिलाफ था प्रदर्शन
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव आयोग की भूमिका, चुनाव प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों और ईवीएम (EVM) जैसे मुद्दों को लेकर बुलाया गया था। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे नेताओं का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने और ज्ञापन सौंपने आए थे। हालांकि, पुलिस का रुख सख्त रहा और प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही बसों और पुलिस वाहनों के जरिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले जाकर नजदीकी थानों में भेजा गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और हंगामा
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन में शामिल विपक्षी दलों के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। नेताओं का आरोप है कि सरकार और प्रशासन जनता की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को छीना जा रहा है।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता थी। बिना अग्रिम अनुमति या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर भीड़ जमा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
यातायात और आम जनजीवन पर असर
इस पूरी कार्रवाई और जगह-जगह लगाई गई पुलिस बैरिकेडिंग की वजह से मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। लुटियंस दिल्ली और कनेक्टिंग सड़कों पर यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्थिति सामान्य होने के बाद छोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।






